(N/A) हाइड्रोजनीकरण की परिभाषा: डाईहाइड्रोजन गैस $(H_2)$ प्लैटिनम $(Pt)$,पैलेडियम $(Pd)$ या निकल $(Ni)$ जैसे सूक्ष्म विभाजित उत्प्रेरकों की उपस्थिति में एल्कीन और एल्काइन में जुड़कर एल्केन बनाती है। इस प्रक्रिया को हाइड्रोजनीकरण कहा जाता है।
उत्प्रेरक का कार्य: ये धातुएं अपनी सतह पर डाईहाइड्रोजन गैस का अधिशोषण करती हैं और हाइड्रोजन-हाइड्रोजन बंध को सक्रिय करती हैं। प्लैटिनम और पैलेडियम कमरे के तापमान पर प्रतिक्रिया को उत्प्रेरित करते हैं,लेकिन निकल उत्प्रेरक के साथ अपेक्षाकृत उच्च तापमान और दबाव की आवश्यकता होती है।
हाइड्रोजनीकरण प्रतिक्रिया के उदाहरण:
$i$. $CH_2=CH_2 + H_2 \xrightarrow{Pt/Pd \text{ or } Ni, \Delta} CH_3-CH_3$ (एथीन $\rightarrow$ एथेन)
$ii$. $CH_3-CH=CH_2 + H_2 \xrightarrow{Pt/Pd \text{ or } Ni, \Delta} CH_3-CH_2-CH_3$ (प्रोपीन $\rightarrow$ प्रोपेन)
$iii$. $CH_3-C \equiv CH + 2H_2 \xrightarrow{Pt/Pd \text{ or } Ni, \Delta} CH_3-CH_2-CH_3$ (प्रोपाइन $\rightarrow$ प्रोपेन)